
झकनावद (पेटलवाद):
जनपद पंचायत पेटलवाद के अंतर्गत आने वाली बड़ी ग्राम पंचायत झकनावद में कुछ वर्षों पहले लाखों रुपये की लागत से निर्मित पुल अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है। हाल ही में आई बारिश के बाद पुल का एक हिस्सा बहकर कट गया, जिससे लोगों के आवागमन पर खतरा मंडराने लगा है।
यह पुल गाँव को शंकर मंदिर और तेजाजी मंदिर से जोड़ता है, जहाँ श्रद्धालुओं की नियमित आवाजाही होती है। विशेषकर सावन माह में महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, और शिव की शाही सवारी भी इसी पुल से होकर गुजरती है। इसके अलावा हर शनिवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट बाजार और भारी भीड़-भाड़ इस पुल की उपयोगिता को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।
ग्रामीण ,जमुना लाल का चौधरी का आरोप है कि पुल निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, तभी कुछ ही वर्षों में यह पूरी तरह टूटने की कगार पर पहुँच गया। अब यह पुल किसी बड़े हादसे को निमंत्रण दे रहा है, लेकिन ग्राम पंचायत और जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूंदे बैठे हैं, मानो किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हों।
महांकाल मित्र मंडल की माँग:
ग्रामीणों व महांकाल के सदस्यों द्वारा प्रशासन से मांग की है कि बाबा महांकाल की शाही सवारी से पहले इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाए ताकि किसी जनहानि से पहले सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
वर्तमान स्थिति में यह पुल ग्रामवासियों की जान से खिलवाड़ बन गया है। यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह लापरवाही भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।


